बिलासपुर, 12 जनवरी 2026: हिमाचल प्रदेश में चिट्टा (हेरोइन) की तस्करी और सेवन का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसमें अब सरकारी विभागों के कर्मचारी भी शामिल पाए जा रहे हैं। ताजा घटना में बिलासपुर पुलिस ने एक सक्रिय पुलिस जवान और हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड के एक कर्मचारी को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। खास बात यह है कि गिरफ्तार पुलिस जवान विशाल कुमार (32 वर्ष) को यह दूसरी बार चिट्टे के साथ पकड़ा गया है।
पुलिस के अनुसार, सदर थाना की टीम ने एसएचओ राजेश पराशर के नेतृत्व में सुंगल के पास नाकाबंदी लगाई थी। चेकिंग के दौरान एक कार में सवार दोनों आरोपियों से 2.85 ग्राम चिट्टा और 70,500 रुपये नकद बरामद हुआ। आरोपी पुलिस जवान विशाल कुमार गांव बिनौला, बिलासपुर का निवासी है, जबकि बिजली कर्मचारी सुरेंद्र कुमार (37 वर्ष) गांव बागी, बनौला का रहने वाला है।
एसपी बिलासपुर संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और कानूनी कार्रवाई जारी है।
आरोपी जवान की पिछली गिरफ्तारी
जानकारी के मुताबिक, विशाल कुमार को 3 जनवरी 2025 को भी बिलासपुर में चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसे जमानत मिलने के बाद शिमला में तैनात किया गया, लेकिन बाद में उसने सेटिंग कर बिलासपुर में दोबारा पोस्टिंग करवा ली। फिलहाल वह विजिलेंस बिलासपुर में अटैच था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी न केवल खुद ड्रग एडिक्ट है, बल्कि चिट्टे की सप्लाई में भी सक्रिय रूप से शामिल था। लंबे समय से उसके खिलाफ सूचनाएं मिल रही थीं।
हिमाचल में सरकारी कर्मचारियों की बढ़ती संलिप्तता
हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी के मामलों में अब तक 60 से अधिक सरकारी कर्मचारियों की भूमिका सामने आ चुकी है। इनमें पुलिस, बिजली बोर्ड और अन्य विभाग शामिल हैं। सरकार इन कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने की तैयारी कर रही है।
यह घटना प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान पर गंभीर सवाल उठाती है, जहां कानून लागू करने वाले विभागों के लोग ही नशे के कारोबार में लिप्त पाए जा रहे हैं। पुलिस का दावा है कि नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी।
सूत्र: न्यूज18 हिंदी
