बैजनाथ (कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश), रविवार को एक अनूठा और हृदयस्पर्शी दृश्य देखने को मिला, जब तिब्बती बौद्ध मठ बीड़ चौगान के धर्मगुरु ने अपने विदेशी तथा स्थानीय अनुयायियों के साथ बैजनाथ शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच भगवान शिव का पूजन करते हुए यह आयोजन विश्व शांति, सद्भाव और समस्त मानवता के कल्याण के लिए समर्पित था।
समुदाय के प्रवक्ता ने बताया कि यह विशेष पूजा विभिन्न धर्मों के बीच आपसी सम्मान और एकता को मजबूत करने का प्रतीक है। विभिन्न देशों से आए बौद्ध अनुयायियों ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के प्रति गहरी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला, धार्मिक महत्व और भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत की खुलकर सराहना की।
बैजनाथ शिव मंदिर, जो 13वीं शताब्दी में निर्मित नागर शैली का उत्कृष्ट उदाहरण है और भगवान शिव को वैद्यनाथ (चिकित्सकों के स्वामी) के रूप में पूजा जाता है, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में ब्यास नदी के किनारे स्थित है। यह स्थान सदियों से भक्तों के लिए आस्था और शांति का केंद्र रहा है।
स्थानीय श्रद्धालुओं और निवासियों ने इस अनोखे धार्मिक अनुष्ठान का जोरदार स्वागत किया। उन्होंने इसे हिंदू-बौद्ध परंपराओं के बीच सौहार्द और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक बताया। आयोजन के अंत में विश्व कल्याण की प्रार्थना के साथ शांति संदेश प्रसारित किया गया।
यह घटना याद दिलाती है कि आस्था की कोई सीमा नहीं होती—जब दिल से पूजा की जाती है, तो धर्म केवल एक माध्यम बन जाता है, सच्ची शांति और प्रेम का संदेश बन जाता है।
