शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने बजट 2026-27 में उन परिवारों को राहत देने का ऐलान किया है, जहां 100 फीसदी दिव्यांगता वाले सदस्य हैं। अब उन्हें हर महीने 1,700 रुपये की बजाय 3,000 रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिलेगी। यह फैसला प्रदेश के करीब 7,000 ऐसे लाभार्थियों के लिए सीधे तौर पर फायदेमंद साबित होगा, जिनकी रोजमर्रा की छोटी-छोटी जरूरतें अब थोड़ी आसानी से पूरी हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट भाषण में यह घोषणा करते हुए कहा कि समाज का हर कमजोर तबका सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन जी सके, यही सरकार की प्राथमिकता है। पहले 1,700 रुपये मिल रहे थे, लेकिन बढ़ती महंगाई और जरूरतों को देखते हुए यह बढ़ोतरी काफी मायने रखती है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी एक अच्छी खबर आई है। दृष्टिबाधित और श्रवणबाधित बालिकाओं के लिए प्रदेश का इकलौता सरकारी संस्थान सुंदरनगर में अब और ज्यादा लड़कियों को जगह मिलेगी। यहां छात्रावास और शिक्षा की क्षमता को 150 से बढ़ाकर 200 करने का फैसला लिया गया है। यानी 50 अतिरिक्त बालिकाओं को अब बेहतर शिक्षा, सुरक्षित रहने की जगह और उचित देखभाल का मौका मिलेगा। ये लड़कियां पहले से ही मुश्किलों से जूझ रही हैं, उनके लिए यह विस्तार एक नई उम्मीद की किरण है।
मानसिक स्वास्थ्य के मसले पर भी सरकार ने संवेदनशीलता दिखाई है। जो लोग मानसिक बीमारी से उबर चुके हैं, लेकिन परिवार ने उन्हें वापस नहीं अपनाया, उनके लिए दो नए हाफ-वे होम (पुनर्वास गृह) बनाए जाएंगे। इनके चलाने के लिए सरकार 90:10 के अनुपात में अनुदान देगी। स्वीकृत संस्थाओं को रखरखाव के लिए 50 लाख रुपये तक का आवर्ती खर्च और 10 लाख रुपये अनावर्ती खर्च की मंजूरी मिलेगी।
ये कदम दिखाते हैं कि हिमाचल सरकार सिर्फ घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि उन तबकों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जो अक्सर चर्चा से बाहर रह जाते हैं। क्या यह बदलाव उन परिवारों की जिंदगी में असली राहत ला पाएगा? समय बताएगा, लेकिन शुरुआत जरूर सकारात्मक लग रही है।
