शिमला।
हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है। राज्य के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में जहां ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है, वहीं मैदानी और मध्य पर्वतीय इलाकों में झमाझम बारिश के साथ तेज अंधड़ चला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज, 26 जून को प्रदेश के आठ जिलों में आंधी-तूफान चलने का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
चोटियों पर हिमपात, शहरों में बरसे बादल
वीरवार सुबह हिमाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों—रोहतांग, शिंकुला और बारालाचा—में ताजा हिमपात (बर्फबारी) हुआ। इसके विपरीत शिमला, मशोबरा, ठियोग और सुंदरनगर समेत कई इलाकों में मध्यम से तेज वर्षा दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश नगरोटा सूरियां में 48 मिलीमीटर, सुंदरनगर में 30 मिलीमीटर और बिलासपुर में 25 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई।
तापमान में भारी उतार-चढ़ाव और अंधड़ का तांडव
बारिश और बर्फबारी के कारण राज्य के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक का अंतर आया है। कुछ क्षेत्रों में पारे में भारी गिरावट आई है, तो कुछ जगहों पर तापमान बढ़ा है:
- तापमान में गिरावट: सबसे ज्यादा गिरावट चंबा में 4.9 डिग्री, मशोबरा में 4.2 डिग्री और मनाली में 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज की गई।
- तापमान में उछाल: शिमला में 3.7 डिग्री और बिलासपुर में 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि देखी गई।
इसके अलावा, राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं ने दस्तक दी। ताबो में सबसे तेज 57 किमी/घंटा, सुंदरनगर में 46 किमी/घंटा और बिलासपुर में 44 किमी/घंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी चली।
इन जिलों को छोड़कर बाकी सब अलर्ट पर
मौसम विभाग के अनुसार, आज (26 जून) को लाहुल-स्पीति, किन्नौर, हमीरपुर और बिलासपुर को छोड़कर राज्य के शेष 8 जिलों में कुछ स्थानों पर तेज आंधी-तूफान और गर्जना की आशंका है। इसके साथ ही ऊंचे क्षेत्रों में छिटपुट बर्फबारी और वर्षा का दौर जारी रह सकता है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 29 जून से राज्य में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता और तेज होगी। इसके प्रभाव से भारी बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिसका असर 4 जुलाई तक रहने की संभावना जताई गई है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।
