शाहपुर | 7 अक्टूबर 2026 (वीर खड़का )
शाहपुर के स्थानीय निवासी श्रेय अवस्थी ने हिमाचल प्रदेश सरकार से मांग की है कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया के योगदान और विरासत को स्थायी सम्मान देने के लिए राजकीय महाविद्यालय शाहपुर का नाम “मेजर विजय सिंह मनकोटिया राजकीय महाविद्यालय” रखा जाए। इसके साथ ही कांगड़ा जिले में किसी प्रमुख एवं उपयुक्त स्थान पर उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित की जाए।
श्रेय अवस्थी ने कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया भारतीय सेना के वीर अधिकारी रहे और उन्होंने 1962 के भारत-चीन युद्ध तथा 1965 और 1971 के युद्धों में देश की सेवा की। सैन्य सेवा के बाद उन्होंने शाहपुर की जनता का पांच बार विधायक के रूप में प्रतिनिधित्व किया और प्रदेश सरकार में मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।
उन्होंने कहा कि शाहपुर में महाविद्यालय की स्थापना के लिए स्थानीय किसानों को भूमि देने के लिए तैयार करवाने में भी मेजर मनकोटिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। ऐसे में उनके नाम पर कॉलेज का नामकरण उनके योगदान के प्रति सच्चा सम्मान होगा।
श्रेय अवस्थी ने कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया केवल एक वीर सैनिक ही नहीं, बल्कि शाहपुर की जनता से गहराई से जुड़े जननेता भी थे। देश की रक्षा से लेकर क्षेत्र के विकास तक उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
उन्होंने मेजर मनकोटिया के अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान न दिए जाने पर भी निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब सरकार के पास उनके योगदान और स्मृति को स्थायी सम्मान देने का अवसर है।
श्रेय अवस्थी ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से मुलाकात का समय मांगा गया है। जल्द ही शाहपुर का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और मांग रखेगा कि 15 दिनों के भीतर राजकीय महाविद्यालय शाहपुर के नामकरण की घोषणा की जाए।
इसके साथ ही कांगड़ा जिले में मेजर विजय सिंह मनकोटिया की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी रखी जाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके सैन्य, राजनीतिक और सामाजिक योगदान से प्रेरणा ले सकें।
उन्होंने कहा कि जिस सैनिक ने युद्ध के मैदान में देश की रक्षा की और वर्षों तक शाहपुर की जनता का प्रतिनिधित्व किया, उनके सम्मान के लिए अब केवल शब्द पर्याप्त नहीं हैं। सरकार को ठोस निर्णय लेकर उनके योगदान को स्थायी सम्मान देना चाहिए।
