पधर
पधर उपमंडल के आराध्य देव राम पाल ब्रह्मा एक करोड़ की लागत से काष्ठ कुणी शैली में नवनिर्मित मंदिर में विराजमान हुए। देवता के नए मंदिर में रविवार को उद्यापन कारज (महायज्ञ) का आयोजन किया गया। जिसमें इलाका दुंधा, द्रंग सिरा और चौहारघाटी के लगभग साठ देवताओं ने अपने कारदारों के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करवाई।
इस दौरान मंदिर कमेटी द्वारा हवन महायज्ञ में पूर्णाहुति उपरांत विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालुओं ने शिरकत की।
वहीं मंदिर कमेटी द्वारा सभी देवी देवताओं के कारदारों को देवता की ओर से चद्दर भेंट कर सम्मानित किया गया।
मंदिर कमेटी प्रधान भानु प्रकाश, उप प्रधान तेज सिंह, सचिव शेर सिंह, पुजारी रमेश कुमार ने कहा कि देवता की अनुमति से 3 वर्ष पहले मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। मंदिर का पूरा कार्य देवदार की लकड़ी से काष्ठकुणी शैली में किया गया। जिसमें सराज क्षेत्र के मुख्य कारीगर राम लाल की रहनुमाई में चेत राम, मोहन लाल और आशु ने मंदिर में भव्य नक्कासी उकेर मूर्त रूप दिया।
मंदिर की दीवारों पर भगवान श्री गणेश, ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राधा कृष्ण की मूर्तियों की मनमोहक नक्कासी की गई है। जो मंदिर की शोभा बढ़ाती है। मंदिर के साथ देवदार के घने पेड़ यहां की सुंदरता को चार चांद लगाते हैं। एक बार मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं का मन वापिस लौटने का नही करता।
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फोटो: आराध्य देव रामपाल ब्रह्मा मंदिर के उद्यापन कारज में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
