……आज पाकिस्तान ओर चायना के साथ भारत की लड़ाई केवल एल ओ सी ( बॉर्डर एरिया ) को लेकर है। जव कि हमारे हल्के के बॉर्डर एरिया पर स्थित सम्पति के ऊपर फिर दूसरे हल्के का कब्जा होता दिखता नज़र आ रहा है। यह प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पालमपुर के पूर्व विधायक प्रवीन कुमार ने स्थानीय विधायक एवं सुक्खू सरकार के मुख्य संसदीय सचिव श्री आशीष बुटेल जी को स्मरण करवाया कि जव बतौर विधायक चुनकर वह सबसे पहले पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के प्रवेश द्वार डाढ में जनता का धन्यवाद करने पहुंचे ओर थोड़ी देर के लिए डाढ रेस्ट हाउस रुके तो कार्यकर्ताओं ने अवगत करवाया कि यह विश्रामगृह पालमपुर विधानसभा क्षेत्र में पड़ता है जबकि इसके ऊपर कब्जा नगरोटा विधानसभा क्षेत्र का है। पूर्व विधायक ने बताया कि इस तरह पूरे तथ्य जुटाने के उपरान्त एक लम्बी प्रक्रिया व तर्क एवं वितर्क के साथ अन्ततोगत्वा इस रेस्ट हाउस को अपने हल्के के कब्जे में ही नहीं लिया अपितु स्वयं तत्कालीन लोक निर्माण मन्त्री ठाकुर गुलाब सिंह जी ने डाढ रेस्ट हाउस के प्रांगण में आयोजित एक कार्यक्रम के दोरान टाइम वाऊण्ड करके इस विश्राम गृह को पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के अधीन हस्तांतरण के आदेश जारी किए । फिर बाकायदा अतिरिक्त नये भवन का निर्माण करवा कर बतौर विधायक लोक निर्माण मन्त्री श्री गुलाब सिंह जी से ही उदघाटन करवाया । अव प्राप्त जानकारी के मुताबिक इसी रेस्ट हाउस के परिसर के पुराने रेस्ट हाउस को बजाये पालमपुर के नगरोटा वगबां लोक निर्माण विभाग मण्डल के कार्य क्षेत्र में हस्तांतरित कर दिया गया है । पूर्व विधायक ने तर्क के साथ कहा लोक तांत्रिक प्रणाली में किसी भी चुने हुए विधायक की नैतिक जिम्मेवारी है कि सर्वप्रथम वह अपने हल्के की हद ,सीमा व रियासत की रक्षा करते हुए बॉर्डर एरिया के ऊपर किसी प्रकार घुसपैठ अर्थात कब्जा न होने दे । पूर्व विधायक ने जिम्मेवारी के साथ कहा ऎसे में अगर कहीं वाक्य ही ऎसा होता है तो वह उस क्षेत्र के विधायक की सबसे बड़ी नालायकी का प्रमाण है।
