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March 7, 2026
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घुटनों के दर्द को दूर करेगा आयुर्वेद

-आयुष विभाग ने शुरू किया राष्ट्रीय कार्यक्रम

  • हिमाचल का नोडल आफिस बना आयुर्वैदिक कालेज
  • बैजनाथ 16 नवम्बर (वीर खड़का)
  • ऑस्टियोआर्थराइटिस से जुड़े मामलों को कम करने के लिए हिमाचल में भी एक अभियान शुरू हुआ है। केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय की तरफ से इस संबंध में राष्ट्रीय स्तर पर एक कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसी के तहत हिमाचल में भी एक प्रोजेक्ट आया है। इस सारे प्रोजेक्ट की कमान राजीव गांधी राजकीय आयुर्वेदिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पपरोला को दी गई है। इसके माध्यम से प्रदेश भर में आयुर्वैदिक डिस्पेंसरी के माध्यम से कई स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें घुटने की दर्द से लेकर, गठिया और जोड़ो आदि की दर्द को लेकर लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी। साथ ही लोगों को इस दर्द से न जूझना पड़े इसके लिए उन्हें उपचार भी बताया जाएगा और इसके लिए उन्हें खानपान से लेकर दैनिक दिनचर्या में सुधार लाने के लिए जागरूक भी किया जाएगा। इस कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई है और पूरे प्रदेश भर में इस प्रोजेक्ट के तहत लोगों को जागरूक करने का काम शुरू होगा।

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पंचरूखी व बैजनाथ में बयो मित्र कार्यक्रम
पपरोला आयुर्वेदिक कॉलेज को इसके अलावा बयो मित्र कार्यक्रम का संचालन भी मिला है। इसके प्रारंभिक चरण में बैजनाथ और पंचरुखी ब्लॉक को लिया गया है। इसमें इसी महीने से बुजुर्ग लोगों के लिए आयुर्वैदिक डिस्पेंसरी में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसमें बुजुर्ग लोगों से जुड़ी समस्याओं का निदान किया जाएगा।


योग, पंचकर्म और क्षार सूत्र के कोर्स होंगे शुरू

पपरोला आयुर्वेदिक कॉलेज में दसवीं पास विद्यार्थियों के लिए
योग, पंचकर्म और क्षार सूत्र के कोर्स भी शुरू किए जा रहे हैं। इनमें योग सहायक की ट्रेनिंग एक महीने के लिए, जबकि दो अन्य कार्यक्रमों की अवधि 3 महीने की रहेगी। इससे कई युवाओं को रोजगार भी मिल पाएगा। इसको शुरू करने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही है।

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ऑस्टियोआर्थराइटिस को लेकर राष्ट्रीय कार्यक्रम की शुरुआत हिमाचल में हो चुकी है। इसके तहत पूरे हिमाचल में विभिन्न स्थानों पर लोगों के लिए जागरूकता कार्यक्रम और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसका नोडल कार्यालय आयुर्वैदिक कॉलेज पपरोला बनाया गया है। – डा मानिक सोनी, नोडल अधिकारी।

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पपरोला आयुर्वेदिक कॉलेज के माध्यम से कई कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आयुष मंत्रालय की तरफ से काफी अच्छे प्रोजेक्ट आए हैं। इसके लिए आयुर्वेदिक कॉलेज पपरोला की टीमें काम कर रही है ताकि लोगों को इसका पूरा लाभ मिल सके। – डा विजय चौधरी, प्रार्चाय, आयुर्वेदिक कॉलेज पपरोला।

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