April 17, 2026
Dharamshala

सुप्रीम कोर्ट ने नहीं लगाई रिजल्ट पर रोक, पशोपेश में लाखों स्टूडेंट्स, जानिए क्या है पूरा NEET परीक्षा विवाद

नीट (NEET) यूजी परीक्षा को लेकर मचा बवाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसे फिर से कराने की मांग को लेकर देश के अलग-अलग शहरों में स्टूडेंट्स और उनके अभिभावक लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

कुछ अभिभावक इस साल हुई NEET परीक्षा को रद्द करने और फिर से इसका आयोजन कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लापरवाही बरतने पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जवाब मांगा है. अब अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी. आइए विस्तार से समझते हैं पूरा मामला.

क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?….

इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह अभी रिजल्ट पर रोक और परीक्षा दोबारा करने के आदेश नहीं दे सकता. इसके बाद साफ हो गया है कि अभी काउंसलिंग जारी रहेगी. याचिकाकर्ता की तरफ से सुनवाई के दौरान जब कहा गया कि एनटीए ने पूरी परीक्षा में लापरवाही बरती है. इसमें पारदर्शिता का ध्यान नहीं रखा गया तो सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर एनटीए से जवाब मांगा है. अगली सुनवाई 8 जुलाई को होगी. तब तक एडमिशन प्रक्रिया जारी रहेगी.

स्टूडेंट्स इस बात से हैं परेशान…

अब स्टूडेंट्स और अभिभावकों के मन में ये सवाल है कि अगर काउंसलिंग हो जाती है और इसके बाद दाखिला भी हो जाता है और फिर सुप्रीम कोर्ट अगर परीक्षा फिर से कराने का आदेश देता है तो अभी इसे क्लियर करने वालों का क्या होगा. इस पूरे मामले में केंद्र सरकार ने भी अपना पक्ष रखा है. सरकार का कहना है कि अधिकारी लगातार इस पर चर्चा कर रहे हैं. हम जल्द इस मामले में इंसाफ करेंगे.

एनटीए नहीं दे रहा जवाब…
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वहीं इस पूरे मामले में एनईईटी एग्जाम कराने वाली संस्था एनटीए ने चुप्पी साध रखी है. एबीपी न्यूज की टीम जब एनटीए ऑफिस पहुंची तो एक शख्स पैरेंट्स से मिलने पहुंचे लेकिन अपना नाम और पद नहीं बताया. बार-बार सवाल पूछे जाने पर वह वहां से भाग निकले.

क्या है पूरा विवाद….

5 मई 2024 को नीट की परीक्षा हुई थी. छत्रों ने परीक्षा से पहले पेपर लीक होने का आरोप लगाया, लेकिन एनटीए ने कोई एक्शन नहीं लिया. परीक्षा के दौरान कई सेंटरो पर पेपर बांटने में भी देरी हुई. इसे लेकर भी छात्रों ने हंगामा किया और उन्हें पेपर देने में देरी हुई. इस पर कंपन्सेंट्री मार्क्स देने का वादा किया गया. 4 जून को नतीजे आए. ग्रेस मार्क्स देने से नतीजे प्रभावित हुए, इसलिए अब पेपर फिर से कराने की मांग की जा रही है.

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