16 जून 2024 ( साभार दिव्य हिमाचल)
ब्रिगेडियर विक्रम सिंह राणा चौबीन पंचायत के ददीन गाँव से आज सुबह अपने दिल्ली निवास स्थान से कुछ दूरी पर सब्जी लेने गए थे और दुकान में ही ह्रदयघात होने से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई ,यह सुनते ही उनके गाँव में शोक की लहर छा गई।
इनका जन्म पिता शालीग्राम के घर 25 जनवरी 1946 को हुआ था, बचपन से ही मेधावी छात्र रहे भारतीय सेना में 1969 कमिशन लेने के पश्चात 1971 की युद्ध में अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सेना मेडल से अलंकृत किया गया, इस युद्ध में इनका दाहिना पैर का पंजा भी चला गया था, उसके बाद पैरा शूट में भारतीय सेना में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया ,राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी के ए डी सी भी रहने का भी मोका मिला। कर्नल रेंक पर 15 डोगरा की कमांड भी की ब्रिगेडियर बनने के बाद शिमला हिल्स कसौली में ब्रिगेड की भी कमांड की ।चौबीन पंचायत के पूर्व प्रधान बलदेव राणा के बड़े भाई थे और ज़िला परिषद सदस्य अनिल कटोच के मामा थे। वे अपने पीछे पत्नि एक बेटा एक बेटी छोड़ गये हैं ,इनका कल अन्तिम संस्कार दिल्ली में सेना द्वारा gaurd of Honour सहित किया जाएगा। राजपूत कल्याण सभा बैजनाथ ने इनकी दुःखद मृत्यु पर गहरा शोक प्रकट किया है।
