आपने अभी तक एंबुलेंस को मरीजों को घर से अस्पताल पहुंचाते और अस्पताल से घर ले जाते देखा होगा. लेकिन आज ये खबर सुनकर शायद आप भी चौंक जाएंगे. क्योंकि हिमाचल प्रदेश में एक एंबुलेंस मरीज को नहीं, बल्कि सैलानियों को सैर कराने निकला था. मामला हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले का है, जहां पुलिस को खबर मिली कि एक राजस्थान नंबर का अनाधिकृत एंबुलेंस अवैध रूप से सायरन बजाते हुए सैलानियों को लेकर लाहौल स्पीति में घूम रहा है. जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एंबुलेंस को पकड़ा और 25 हजार 500 रुपये का चालान काटा.
इन दिनों कई राज्यों में पड़ रही भीषण गर्मी की वजह से सैलानी बड़ी संख्या में कुल्लू-मनाली और लाहौल घाटी का रुख कर रहे हैं. ऐसे में हिमाचल पुलिस यातायात नियमों का पालन और सड़क पर ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रही है. इस दौरान लाहौल पुलिस को एक राजस्थान नंबर के एंबुलेंस के बारे में जानकारी मिली जो, सायरन बजाते हुए सैलानियों को घुमा रही थी. जिसके बाद पुलिस ने इस एंबुलेंस तांदी जीरो प्वाइंट पर रोका और 25 हजार 500 रुपए का चालान काटा.
जानकारी के अनुसार, लाहौल पुलिस को सूचना मिली कि एक एंबुलेंस सायरन बजाते हुए अनाधिकृत रूप से पर्यटन के उद्देश्य से सिस्सू और केलांग के बीच में घूम रही है. जांच में पता चला कि यह एंबुलेंस राजस्थान से आई है. सूचना पर पुलिस ने इस एंबुलेंस की तलाश शुरू कर दी. इस दौरान पुलिस ने यह एंबुलेंस तांदी जीरो प्वाइंट के पास से पकड़ा.
पुलिस ने देखा कि एंबुलेंस के नंबर प्लेट पर राजस्थान का नंबर (RJ 10PA 6691) लिखा है. वही, पुलिस ने एंबुलेंस ड्राइवर से पूछताछ की तो उसने बताया कि यह अनधिकृत एंबुलेंस है और वह टैक्स से बचने और बिना रुकावट के लाहौल के पर्यटन स्थलों में पहुंचने के इस एंबुलेंस का इस्तेमाल कर रहा था. वहीं, पुलिस ने जांच में पाया कि एंबुलेंस ड्राइवर ने शराब पी रखी थी और एंबुलेंस के अंदर कुछ सैलानी भी मौजूद थे. जिसके बाद लाहौल पुलिस ने एंबुलेंस ड्राइवर पर मोटर वाहन अधिनियम की धारा 177, 182(A)(4), 185 और 190, 192(A) और शराब पीकर गाड़ी चलाने के जुर्म में 25 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया.
एसपी लाहौल स्पीति मयंक चौधरी ने बताया कि जिले में इस तरह के अवैध सायरन एवं लाइट्स और यातायात नियमों की उल्लंघन पर करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
