25 अक्तूबर बैजनाथ (साभार :- अमर उजाला राजकुमार सूद )
चारों तरफ फैले बैजनाथ विधानसभा क्षेत्र के बाजारों और गांव में आग पर काबू पाना दमकल विभाग के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। प्रदेश की सबसे बड़ी नप में शामिल बैजनाथ पपरोला नप के 11 वार्डों में से अधिकांश वार्डों में अग्निशमन के वड़े वाहन का पहुंचना मुश्किल है और कुछ वार्डों में जीप को लाया जा सकता है। वहीं गांव के छोटे रास्तों पर किसी भी प्रकार का वाहन नहीं पहुंच सकता। उप मंडल की दो तहसीलों मूल थान और चढ़ियार तक समय रहते पहुंचना कठिन है। छोटा भंगाल के मूलथान की दूरी 60 किलोमीटर जब कि चढ़ीयार की 12 किलोमीटर है। ऐसे में कुछ स्थानों पर आग लगने पर सुरक्षा राम भरोसे ही है।छोटा भंगाल में पिछले वर्षों में आगजनी की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं। बैजनाथ पपरोला नप के अतिरिक्त 50 पंचायतों के 80 हजार मतदाताओं के लिए दमकल विभाग के 12 कर्मचारियों के पास एक बड़ा व एक छोटा वाहन है और दो पद रिक्त चल रहे हैं। पर्यटन के लिए तेजी से उभर रहे वीड के आस पास के एरिया में भी तंग रास्ते दमकल विभाग के लिए चुनौती है।
नप के वार्ड तीन के पार्षद अमित कपूर का कहना है कि वार्ड के कुछ रास्तों को चौड़ा किया गया है लेकिन बड़े वाहन के लिए यह पर्याप्त नहीं है।
वार्ड नं 9 पपरोला की अनीता सूद का कहना है कि पपरोला के खू बाजार और झीर खड्ड इलाके में छोटी गाड़ी का पहुंचना भी मुश्किल है।
दमकल विभाग के इंचार्ज विजय कुमार ने बताया कि विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ है लेकिन तंग गलियों में वाहन के न जाने पर विभागीय कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और आग पर काबू पाने में समय लगता है।
