शिमला। केन्द्र सरकार की नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत हिमाचल प्रदेश को 16 ड्रोन हासिल हुए हैं। हालांकि अन्य राज्यों को प्रदेश से कई ज्यादा ड्रोन हासिल हुए हैं मगर हिमाचल भी इस योजना में शामिल कर दिया गया है। प्रदेश सरकार के कृषि विभाग की ओर से इसे यहां पर लागू करने के लिए एक विस्तृत प्रोजेक्ट भेजा गया है जिसे केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को ड्रोन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शुरूआत में जो ड्रोन यहां के लिए मिले हैं उनको प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इन ड्रोन से महिलाओं को ट्रेंड किया जाएगा और यह मास्टर ट्रेनर होंगी। जो आगे और महिलाओं को ट्रेंड करेंगी जिससे एक चेन यहां पर बनाई जाएगी। इस चेन के बनने से फिर 80 फीसदी सबसिडी पर महिलाओं को ड्रोन दिए जाएंगे।
यह ड्रोन खेती के लिए काम में आएंगे। इनके माध्यम से खेती करने वाली महिलाएं अपनी फसलों पर छिडक़ाव कर सकेंगी। इससे उनको काफी ज्यादा फायदा मिलेगा।
इस तरह से छिडक़ाव और ज्यादा प्रभावी होगा जिसमें ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं रहेगी। आने वाले समय में यहां के किसानों के लिए ड्रोन की सुविधा खेती में कारगर साबित होने वाली है। इसके लिए केन्द्र सरकार ने सबसिडी पर ड्रोन देने की विशेष योजना बनाई है जिसमें शुरूआत में 80 फीसदी तक की सबसिडी हासिल होगी। महिलाओं को इस योजना के पहले चरण में 15 हजार ड्रोन केन्द्र सरकार प्रदान करेगी। हिमाचल प्रदेश को 16 ड्रोन हासिल हुए हैं।
केन्द्र सरकार ने आंध्रा प्रदेश को 90 ड्रोन दिए हैं तो वहीं अरूणाचल प्रदेश को 10, असम को 125, बिहार को 201, छत्तीसगढ़ को 74,दादरा एवं नगर हवेली व दमन एवं दियू को 10, गोआ को 10, गुजरात को 206, हरियाणा को 120, हिमाचल प्रदेश को 16, जम्मू कश्मीर को 28, झारखंड को 35, कर्नाटक को 170, केरल को 17, मध्य प्रदेश को 215, महाराष्ट्र को 325, मेघालय को 10, मिजोरम को 10, नागालैंड को 10, उड़ीसा को 94, पुडूचेरी को 10, पंजाब को 206, राजस्थान को 216, तमिलनाडू को 99, तेलंगाना को 79, त्रिपुरा को 10, उत्तर प्रदेश को 452, उत्तराखंड को 21 और पश्चिम बंगाल को 221 ड्र्रोल हासिल हुए हैं। क्योंकि दूसरे राज्यों में कृषि क्षेत्र काफी ज्यादा फैला हुआ है और बड़ी संख्या में वहां पर कृषि की जाती है। कुल 3090 ड्रोन अभी केन्द्र सरकार ने देने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए राज्यों को गाइडलाइन भी जारी की है जिसमें पंचायत स्तर पर महिलाओं के समूह बनाए जाएंगे। इन समूहों में मौजूद महिलाओं को ट्रेंड किया जाएगा।
एनआरएलएम व डेनम जैसी योजनाएं यहां पर चल रही हैं उनके माध्यम से महिलाओं को आगे प्रशिक्षित किया जाएगा और उनका चयन किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश में शुरूआती स्तर पर ड्रोन से कृषि को लेकर कितना फायदा होता है यह देखना होगा जिसके बाद योजना का विस्तार किया जाएगा।
नमो ड्रोन दीदी प्रोजेक्ट के तहत हिमाचल को 16 ड्रोन हासिल हुए हैं। यहां पर च्यनित महिलाओं की संस्था को इनका प्रशिक्षण देकर कृषि क्षेत्र में जुटी महिलाओं को इस योजना में जोड़ा जाएगा। कृषक अपनी फसलों पर छिडक़ाव आदि के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर सकते हैं। उनके लिए भविष्य में यह उपयोगी साबित होंगे।
सी पालरासू, सचिव, कृषि, हिमाचल प्रदेश
