April 17, 2026
Shimla

पटेल यूनिवर्सिटी के पीछे हाथ धो कर पड़ी है सुक्खू सरकार, अब बीएड कॉलेज छीनने का हो रहा प्रयास: जयराम ठाकुर

शिमला: पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरदार पटेल यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर एक बार फिर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. जयराम ठाकुर ने सरकार पर एसपीयू मंडी को बंद करने के लिए षड्यंत्र
रचने के आरोप लगाए हैं.

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि पहले सुक्खू सरकार ने एसपीयू से उसके क्षेत्र छीन लिए, जिसके कारण यूनिवर्सिटी में कॉलेज की संख्या में भारी कमी आई, इसके बाद बजट में कटौती की गई, सरकार ने बिल्डिंग छीन ली जिससे यूनिवर्सिटी बंद हो जाए. इन सबके बाद भी जब सरकार का मन नहीं भरा तो अब मंडी यूनिवर्सिटी से सरकार सभी बीएड कॉलेज छीनने की कोशिश कर रही है, जिससे यूनिवर्सिटी की आय का बड़ा साधन अपने आप समाप्त हो जाए और सरकार को यूनिवर्सिटी पर ताला लगाने का बहाना मिल जाए.

‘हर बार की तरह मुकरने का प्रयास करेगी प्रदेश सरकार’

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार हर बार की तरह इस बार भी मुकरने का प्रयास करेगी और झूठ बोल देगी कि ऐसी बात नहीं है. एचपीयू की एकेडमिक ब्रांच ने एसपीयू के बीएड कॉलेज को एचपीयू में शिफ्ट करने को लेकर चार बिंदुओं पर राय मांगी है. इस तरह से सरकार मण्डी यूनिवर्सिटी के आय के साधन पर कैंची चलाने के साथ प्रदेश के हजारों बच्चों और उनके अभिभावकों के ऊपर आर्थिक बोझ डालने की तैयारी कर रही है.

पटेल यूनिवर्सिटी के पीछे पड़ी है सरकार

जयराम ठाकुर ने कहा कि, ‘हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतर्गत वर्तमान में एक सरकारी कॉलेज के साथ 56 बीएड़ कॉलेज हैं, जबकि सिर्फ 18 बीएड कॉलेज सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी से मान्यता प्राप्त हैं, जिससे विश्व विद्यालय को लगभग तीन करोड़ की आय होती है. सुक्खू सरकार सत्ता में आने के दिन से ही मंडी विश्वविद्यालय के पीछे पड़ी हुई है. मुख्यमंत्री एक नया विश्वविद्यालय तो नहीं खोल सकते इसलिए एक चलता विश्वविद्यालय बंद करना चाहते हैं. हाल ही में सरकार ने मंडी विश्वविद्यालय के एक भवन को निजी कॉलेज के हाथ में सौंप दिया. पद्धर डिग्री कॉलेज के साथ बनी लगभग 15 करोड़ रुपए की लागत से विश्वविद्यालय की बिल्डिंग एक साल से बनकर तैयार है, लेकिन सरकार उस बिल्डिंग का उद्घाटन करके विश्विद्यालय को नहीं सौंप रही है.’

‘छात्रों की समस्याओं को भी अनदेखा कर रही सरकार’

नेता प्रतिपक्ष ने कहा की सत्ता में आते ही सुक्खू सरकार ने सबसे पहले सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के दायरे को छोटा करने का प्रयास किया. अपने स्थापना के समय जहां मंडी विश्वविद्यालय में प्रदेश के पांच जिलों मंडी, कांगड़ा, चंबा, कुल्लू और लाहौल-स्पीति के कुल 146 कॉलेज संबंधित थे, उसमें से कांगड़ा, चंबा के साथ-साथ आनी और निरमंड के इलाकों के कॉलेज को एसपीयू से छीन लिया गया. सरकार प्रतिशोध की राजनीति में कांगड़ा और चंबा के छात्रों और उनके अभिभावकों की समस्याओं को भी अनदेखा कर रही है.

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