September 5, 2026
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वकील काले कोट और डॉक्टर सफेद कोट क्यों पहनते हैं? जानिए इसके पीछे का इतिहास और महत्व

क्या आपने कभी सोचा है कि वकील काले कोट और डॉक्टर सफेद कोट क्यों पहनते हैं? हर पेशे की अपनी एक अलग पहचान होती है, जो उसके यूनिफॉर्म से दिखाई देती है। जैसे पुलिस वाले को उनकी वर्दी से पहचाना जाता है, वैसे ही वकीलों और डॉक्टरों की पहचान उनके काले और सफेद कोट से होती है। आइए, आज हम आपको बताते हैं कि इन दोनों पेशों में यह ड्रेस कोड क्यों और कैसे शुरू हुआ।

वकील काले कोट क्यों पहनते हैं?

वकीलों के काले कोट पहनने की परंपरा इंग्लैंड से शुरू हुई थी। भारतीय न्यायिक व्यवस्था अंग्रेजों के सिस्टम पर आधारित है, इसलिए यहां भी वकीलों के काले कोट पहनने का चलन है।

  • इतिहास: 1865 में इंग्लैंड के राजा चार्ल्स द्वितीय के निधन के बाद, शाही परिवार ने कोर्ट में काले कपड़े पहनने का आदेश दिया था। यह शोक का प्रतीक था। तब से वकीलों के लिए काले कोट पहनना अनिवार्य हो गया।
  • भारत में: भारत में 1961 में वकीलों के लिए काले कोट पहनना अनिवार्य कर दिया गया। यह ड्रेस कोड वकीलों में अनुशासन और न्याय के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
  • महत्व: काले रंग को गंभीरता और न्याय का प्रतीक माना जाता है। यह वकीलों के पेशे की गरिमा को बढ़ाता है।

डॉक्टर सफेद कोट क्यों पहनते हैं?

डॉक्टरों के सफेद कोट पहनने की परंपरा भी अंग्रेजों के जमाने से शुरू हुई। यह ड्रेस कोड न केवल पेशेवर पहचान देता है, बल्कि इसके पीछे कई वैज्ञानिक और व्यावहारिक कारण भी हैं।

  • इतिहास: 19वीं शताब्दी के मध्य से पहले, वैज्ञानिक और डॉक्टर गुलाबी या पीले रंग के लैब कोट पहनते थे। सफेद कोट की शुरुआत कनाडा के डॉ. जॉर्ज आर्मस्ट्रांग ने की, जो मॉन्ट्रियल जनरल अस्पताल के सर्जन थे।
  • महत्व: सफेद रंग शांति, स्वच्छता और ईमानदारी का प्रतीक है। यह मरीजों को आश्वस्त करता है कि डॉक्टर उनकी देखभाल करने के लिए तैयार हैं।
  • व्यावहारिक कारण: सफेद कपड़े पर गंदगी तुरंत दिखाई देती है, जिससे साफ-सफाई बनाए रखना आसान होता है। इसके अलावा, सफेद रंग शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मददगार होता है।

वकीलों का काले कोट और डॉक्टरों का सफेद कोट पहनना सिर्फ एक फैशन नहीं है, बल्कि यह उनके पेशे की गरिमा और जिम्मेदारी को दर्शाता है। काले रंग की गंभीरता और सफेद रंग की पवित्रता इन दोनों पेशों के महत्व को और बढ़ाती है। अगली बार जब आप किसी वकील या डॉक्टर को देखें, तो याद रखें कि उनका यूनिफॉर्म सिर्फ एक ड्रेस नहीं, बल्कि उनके पेशे की पहचान और समर्पण का प्रतीक है।

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