शिमला: हिमाचल प्रदेश आबकारी विभाग के लिए शराब ठेकों की नीलामी बड़ी चुनौती बन गई है। शिमला जिले में मंगलवार को 24 यूनिटों की नीलामी के लिए ठेकेदार बुलाए गए, लेकिन अधिकतर ने बोली तक नहीं लगाई। केवल एक ही यूनिट नीलाम हो पाई। अब 23 यूनिटों की नीलामी वीरवार को होनी है। पिछले साल इन यूनिटों से 252 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था।
इस साल 20 मार्च से शराब ठेकों की नीलामी शुरू हुई है। वर्ष 2024-25 में 1.81 अरब रुपये में ठेके नीलाम हुए थे, जबकि इस बार 1.85 अरब रुपये का रिजर्व प्राइस रखा गया है। अब करीब 20 यूनिट्स के 390 ठेकों की नीलामी होनी है। इनमें सुकेती और चैलचौक यूनिट्स के ठेके सबसे महंगे हैं, जिनका रिजर्व प्राइस क्रमशः 13.15 करोड़ और 13.53 करोड़ रुपये रखा गया है।
इसी बीच, रामपुर बुशहर के ननखड़ी विकास खंड की देलठ पंचायत में शराब की दुकान को लेकर स्थानीय महिलाएं सड़कों पर उतरने की धमकी दे रही हैं। छह महिला मंडलों ने मंगलवार को उपमंडलाधिकारी (एसडीएम) रामपुर निशांत तोमर को ज्ञापन सौंपकर शराब की दुकान बंद करने या स्थानांतरित करने की मांग की।
महिलाओं का आरोप है कि शराब की दुकान आईटीआई और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल के करीब (100-150 मीटर के दायरे में) स्थित है, जिससे छात्रों और महिलाओं को परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि शराबियों की वजह से गंदगी फैलती है और सुरक्षा का माहौल खराब होता है। एसडीएम ने ज्ञापन को संबंधित विभाग को भेजने का आश्वासन दिया है।
अगर मांग नहीं मानी गई, तो महिलाएं बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दे रही हैं।
