बैजनाथ (कांगड़ा), 28 मार्च 2025:
कांगड़ा जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बैजनाथ अब पढ़ाई की जगह विवादों का अड्डा बन गया है। गुरुवार, 27 मार्च को दो शिक्षकों के बीच हुई मारपीट की शिकायत ने स्कूल में चल रहे तनाव को फिर से उजागर कर दिया। पिछले साल अक्टूबर से शुरू हुए झगड़ों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा—कभी प्रिंसिपल और शिक्षकों में ठनी, तो कभी गैर-शिक्षक स्टाफ आपस में भिड़ा। स्कूल फंड के दुरुपयोग और प्रबंधन कमेटी (एसएमसी) के गैरकानूनी तरीके से हटाए जाने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए।
यहां तक कि मामला मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के दरबार तक पहुंचा, लेकिन हालात जस के तस हैं। बच्चों की पढ़ाई छोड़कर स्टाफ के झगड़ों का शोर अब पुलिस थाने तक जा पहुंचा है। डीएसपी अनिल शर्मा ने कहा, “यह विभाग का मामला है, शिक्षा विभाग को देखना चाहिए।” वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विकास महाजन ने सिर्फ इतना कहा कि उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी गई है। विभाग की चुप्पी और पुलिस की बेबसी से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बच्चों का भविष्य कब सुरक्षित होगा?
कब-क्या हुआ:
- अक्टूबर 2024: शिक्षिका ने प्रिंसिपल के खिलाफ शिकायत की।
- नवंबर 2024: स्कूल फंड दुरुपयोग का आरोप।
- दिसंबर 2024: स्टाफ में झगड़े की शिकायत।
- जनवरी 2025: एसएमसी हटाई गई।
- 25 जनवरी: सीएम से शिकायत।
- 14 फरवरी: उपनिदेशक ने रिकॉर्ड जब्त किया।
- 11 मार्च: प्रिंसिपल ने मारपीट की शिकायत की।
- 13 मार्च: एसएमसी बहाल।
- 27 मार्च: दो शिक्षकों में मारपीट।
कुछ शिक्षकों ने बच्चों का सहारा लेकर चाइल्ड हेल्पलाइन तक शिकायत की, लेकिन नतीजा सिफर। अब अभिभावक पूछ रहे हैं—क्या यह स्कूल बच्चों को पढ़ाने के लिए है या झगड़ों का मैदान बनने के लिए?
