शिमला: कश्मीर के पहलगाम के निकट ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से मशहूर बायसरन में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस घटना का असर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में घूमने आए पर्यटकों पर भी साफ दिख रहा है। शिमला के सैलानी डर और चिंता के माहौल में हैं और पर्यटक स्थलों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
शिमला घूमने आए पर्यटकों ने बताया कि पहलगाम की घटना ने उन्हें सकते में डाल दिया है। उत्तर प्रदेश से आए निकेश अवस्थी ने कहा, “शिमला आना एक अच्छा फैसला था, लेकिन पहलगाम हमले के बाद परिवार डरा हुआ है। इस तरह की घटनाओं का असर अन्य पर्यटन स्थलों पर भी पड़ सकता है। सरकार को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए।”
ओडिशा की प्रियंवदा माहंती ने कहा, “पहलगाम की घटना सुनकर डर लगा। हिमाचल में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएं। साथ ही, निजी टैक्सी चालकों की पहचान और किराए के लिए मीटर सिस्टम लागू हो, ताकि धोखाधड़ी से बचा जा सके।”
पर्यटकों ने शिमला में कुछ जगहों पर धोखाधड़ी की भी शिकायत की। उत्तराखंड के शौर्य ने बताया, “कुफरी में एक एडवेंचर पार्क के लिए हमें झूठ बोला गया कि वहां गाड़ी नहीं जाती। टैक्सी चालकों ने कई गुना ज्यादा किराया वसूला और कहा कि ये दरें सरकार ने तय की हैं।” उन्होंने प्रशासन से ऐसी अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग की।
चंडीगढ़ के प्रतीक सिंह ने कहा, “शिमला में शांति का अनुभव होता है, लेकिन कश्मीर जैसी घटनाएं डर पैदा करती हैं। हिमाचल में सभी एंट्री पॉइंट्स पर अच्छी जांच हो रही है, लेकिन रिज और मालरोड जैसे मुख्य पर्यटन स्थलों पर भी सैलानियों की जांच होनी चाहिए।” वहीं, चंडीगढ़ की पुष्पा चौहान ने कहा, “पहली बार शिमला आई हूं, लेकिन ऐसी घटनाओं के बाद डर लगता है। लोगों को सतर्क रहना चाहिए और कड़ी सुरक्षा होनी चाहिए।”
हरियाणा के यमुनानगर से स्काउट एंड गाइड कार्यक्रम के तहत शिमला आए छात्रों रिशभ सारस्वत, परम बतरा और अरनव चौधरी ने बताया कि उन्हें शिमला का मौसम, रिज मैदान, मालरोड, मंदिर और बाजार बहुत पसंद आए। हालांकि, वे भी सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतने की बात कहते हैं।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पहलगाम हमले की निंदा करते हुए कहा, “पूरा देश शोक में है। यह घटना निंदनीय है। पर्यटक बिना किसी आशंका के घूमने गए थे। हिमाचल सरकार प्रभावित परिवारों के साथ है।” उन्होंने बताया कि जम्मू-कश्मीर सीमा से सटे चंबा और कांगड़ा जिलों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
शिमला प्रशासन और पुलिस ने पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की बात कही है। पर्यटकों की मांग है कि धोखाधड़ी रोकने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि शिमला में सैर-सपाटे का अनुभव सुरक्षित और सुखद बना रहे।
