जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार, 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद हिमाचल प्रदेश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई, जिनमें दो विदेशी पर्यटक भी शामिल थे, और 17 लोग घायल हुए। हिमाचल सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है, खासकर जम्मू-कश्मीर और पंजाब से लगती सीमाओं पर।

सुरक्षा इंतजाम:
- कांगड़ा जिला: पंजाब से सटे कंडवाल में आईटीबीपी और पुलिस ने मोर्चा संभाला है। भदरोआ, शेखपुरा और मिलवां में पुलिस तैनात है, और हर वाहन की जांच हो रही है। मैक्लोडगंज में पर्यटन सीजन को देखते हुए 150 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
- चंबा जिला: जम्मू-कश्मीर से सटे होने के कारण तुन्नूहट्टी और लाहड़ू चेक पोस्ट पर पुलिस बल तैनात है। बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
- शिमला, धर्मशाला, कुल्लू, मनाली, सोलन और रोहतांग: इन पर्यटन स्थलों पर चौकसी बढ़ाई गई है। क्विक रिएक्शन टीमें (क्यूआरटी) संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं।
- दलाई लामा की सुरक्षा: धर्मशाला में दलाई लामा के निवास पर 30 सीआरपीएफ और 120 हिमाचल पुलिस के जवान तैनात हैं, क्योंकि उन्हें हाल ही में जेड श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।
- सीमाओं पर निगरानी: सीसीटीवी कैमरों से निगरानी और चेकिंग के बाद ही वाहनों को प्रवेश दिया जा रहा है। प्रवासियों और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने सूचना के लिए 112 टोल-फ्री नंबर जारी किया है।
मुख्यमंत्री का बयान: मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे कायराना करार दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार पीड़ितों के परिजनों के साथ है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बरती जाएगी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर से लगती सीमाओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए।
बाजार बंद: पहलगाम हमले के विरोध में 24 अप्रैल 2025 को हिमाचल प्रदेश में बाजार बंद रहेंगे। हिमाचल प्रदेश व्यापार मंडल के अनुसार, पूरे प्रदेश में सुबह से 11 बजे तक और शिमला में दोपहर 1 बजे तक व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। व्यापार मंडल ने हमले की निंदा की और इसे सभ्य समाज के लिए अस्वीकार्य बताया।
पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है। आतंकियों ने सैन्य वर्दी में पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें कई राज्यों और विदेशों के पर्यटक मारे गए। इस घटना ने कश्मीर के पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका दिया है।
हिमाचल पुलिस और प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं।
