जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकी मुठभेड़ में हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल के गंगलोह गांव निवासी बलदेव चंद (32) शहीद हो गए। 58 आर्म्ड राष्ट्रीय राइफल में दफादार (लास नायक के समकक्ष) के पद पर तैनात बलदेव चंद ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उनके बलिदान की खबर से उनके पैतृक गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है।
आखिरी बातचीत में पिता को दिया था भरोसा
बलदेव चंद ने 17 सितंबर को अपने पिता विशन दास से फोन पर आखिरी बार बात की थी। उन्होंने कहा था, “पिताजी, हम लोग किसी ऑपरेशन पर हैं। यहां नेटवर्क की सुविधा नहीं है। किसी व्यवस्था के तहत आपसे बात कर रहा हूं। मैं बिल्कुल ठीक हूं। इस ऑपरेशन को तीन-चार दिन और लगेंगे। उसके बाद ही आपसे बात हो पाएगी। मेरी यह बात घर में सभी को बता देना।” यह उनके अंतिम शब्द थे, जो अब परिवार के लिए उनकी आखिरी याद बन गए।
पिता विशन दास का टूटा हौसला
बलदेव के पिता विशन दास स्वयं सेना से हवलदार पद से सेवानिवृत्त हैं। बेटे के ऑपरेशन की बात सुनकर वह चिंतित तो थे, लेकिन उन्होंने परिवार का हौसला बनाए रखा। शनिवार दोपहर को जब बलदेव के शहीद होने की खबर आई, तो हमेशा बातें करने वाले विशन दास मौन हो गए। वह परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके दर्द को वही समझ सकते हैं।
छह साल के बेटे से उठा पिता का साया
बलदेव चंद 2011 में सेना में भर्ती हुए थे और 2016 में उनका विवाह हुआ था। उनका छह वर्षीय बेटा इशान ठाकुर अब पिता के बिना रह गया है। जुलाई में बलदेव अपने छोटे भाई दिनेश के बेटे के जन्म के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने घर आए थे। 3 अगस्त को वह ड्यूटी पर वापस लौट गए थे। उनके परिवार में सैन्य परंपरा रही है; उनके पिता, ताया और चाचा भी पूर्व सैनिक हैं।
गांव में गर्व के साथ शोक
बलदेव के बलिदान की खबर से गंगलोह और आसपास के क्षेत्रों में शोक छा गया है। ग्रामीणों की आंखें नम हैं, लेकिन उन्हें अपने वीर सपूत पर गर्व भी है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बलदेव एक साहसी सैनिक थे, जिन्होंने देशसेवा को अपने जीवन का ध्येय बनाया था। पंचायत प्रधान कमल चौहान ने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा गांव परिवार के साथ खड़ा है।
रविवार को आएगी पार्थिव देह
सेना के सूत्रों के अनुसार, रविवार सुबह करीब 10:30 बजे बलदेव चंद की पार्थिव देह चंडी मंदिर, जम्मू-कश्मीर से उनके पैतृक गांव लाई जाएगी। दोपहर बाद तक पार्थिव देह उनके घर पहुंचने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री और नेताओं ने जताया शोक
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित कई नेताओं ने बलदेव चंद के बलिदान पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है।
बलदेव चंद का बलिदान देश के लिए एक अमर कहानी बन गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
