शिमला (संवाददाता): हिमाचल प्रदेश के कर एवं आबकारी विभाग के जीएसटी विंग ने 5 जून से 4 जुलाई 2025 तक प्रदेशभर में एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य जीएसटी अनुपालन सुनिश्चित करना और राजस्व वृद्धि को बढ़ावा देना है। अभियान के तहत उन खुदरा दुकानों, भोजनालयों और सेवा आउटलेट्स पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जो अपने प्रवेश द्वार पर जीएसटी पंजीकरण नंबर प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं। साथ ही, जीएसटी रिटर्न समय पर दाखिल न करने वालों को नोटिस जारी किए जाएंगे और जुर्माना वसूला जाएगा।
कर एवं आबकारी आयुक्त डॉ. युनूस ने बताया कि इस अभियान के तहत ‘जागो ग्राहक’ जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसमें उपभोक्ताओं को हर खरीद के लिए उचित जीएसटी चालान (बिल) लेने के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा। इसके लिए पोस्टर, बैनर, रेडियो और सोशल मीडिया के माध्यम से जन जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जीएसटी पंजीकरण नंबर को प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य है, और इसका पालन न करने वालों के खिलाफ औचक निरीक्षण के बाद कार्रवाई होगी।
अभियान के प्रमुख बिंदु
• जीएसटी अनुपालन और राजस्व वृद्धि: अभियान का उद्देश्य जीएसटी ढांचे के तहत प्रवर्तन तंत्र को मजबूत करना, अनुपालन अंतराल को खत्म करना और करदाताओं में जागरूकता बढ़ाना है।
• नोटिस और जुर्माना: नियमित जीएसटी रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यवसायों को नोटिस जारी होंगे। लगातार चूक करने वालों पर जुर्माना और वसूली की कार्रवाई होगी।
• ई-वे बिल सत्यापन: माल की आवाजाही के दौरान ई-वे बिलों की जांच के लिए राजमार्गों और परिवहन केंद्रों पर प्रवर्तन दल तैनात किए जाएंगे।
• फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट पर नकेल: डाटा एनालिटिक्स और रिटर्न के क्रॉस-सत्यापन के जरिए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
• जीएसटी ऑडिट में तेजी: जीएसटी ऑडिट और जांच प्रक्रिया को तेज किया जाएगा ताकि कर चोरी को रोका जा सके।
डॉ. युनूस ने कहा कि यह अभियान राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करने और पारदर्शी प्रशासन के माध्यम से राज्य के राजस्व संग्रह में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सभी जिलों के क्षेत्रीय और वाणिज्यिक कर अधिकारी इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे कर चोरी रोकने के लिए दुकानों, रेस्तरां या सेवा प्रदाताओं से वैध जीएसटी बिल अवश्य लें।
यह अभियान न केवल व्यवसायों को जीएसटी नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगा।
