शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने वसीयत करवाने, बच्चा गोद लेने और जमीन गिरवी रखने के पंजीकरण शुल्क में भारी बढ़ोतरी कर दी है। नए आदेशों के तहत इन सेवाओं के लिए सर्विस चार्जिज में तीन गुना तक की वृद्धि की गई है। यह बदलाव रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट (बुक तीन और बुक चार) के तहत लागू किए गए हैं।
पहले वसीयत करवाने का पंजीकरण शुल्क करीब 100 रुपये था, जो अब 54 रुपये जीएसटी सहित बढ़ाकर 354 रुपये कर दिया गया है। बच्चा गोद लेने और जमीन गिरवी रखने के लिए भी अब 354 रुपये का शुल्क देना होगा। इसके अलावा, बुक-1 के तहत जमीन खरीदने, बेचने और स्थानांतरण के शुल्क को 350 रुपये से बढ़ाकर 590 रुपये कर दिया गया है।
प्रदेश सरकार ने जिला उपायुक्त कार्यालयों, पटवारी और कानूनगो को इन नए आदेशों को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए हैं। जिला उपायुक्त कार्यालयों में हर महीने वसीयत, जमीन खरीद-बिक्री और स्थानांतरण के 15 से 20 मामले दर्ज होते हैं, जबकि बोनाफाइड और अन्य प्रमाणपत्रों के लिए हजारों आवेदन आते हैं। इनकी वेरिफिकेशन पटवारी द्वारा की जाती है, और तहसीलदार तहसील व उपतहसील स्तर पर इन्हें जारी करते हैं।
नकल जमाबंदी और ततीमा जैसे दस्तावेज पटवारी और कानूनगो स्तर पर उपलब्ध कराए जाते हैं। शुल्क बढ़ोतरी से आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना है। सरकार के इस फैसले का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में देखा जा सकता है।
