दिनांक: 30 जून 2025, बैजनाथ
बैजनाथ: समाज में जहां स्वार्थ और अहम का बोलबाला है, वहीं कुछ लोग अपने मानवीय कर्तव्यों से दूसरों के लिए मिसाल बन जाते हैं। पपरोला के व्यापारी अनिल कुमार नंदा (नीटू) ने एक घायल बैल को नई जिंदगी देकर ऐसा ही उदाहरण पेश किया है। कुछ दिन पहले एक ट्रक की टक्कर से गंभीर रूप से घायल बैल शहर की गलियों में लहूलुहान अवस्था में भटक रहा था। बारिश के कारण उसके जख्मों में कीड़े पड़ गए थे, जिससे बदबू फैल रही थी। अनिल को इसकी जानकारी मिलते ही उन्होंने अपने स्टाफ के साथ बैल को अपने घर ले आए और पशु पालन विभाग की मोबाइल वेटरनरी यूनिट को टोल-फ्री नंबर 1962 पर सूचित किया।
पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बैल का इलाज शुरू किया। फार्मासिस्ट पंकज कटोच ने बताया कि बैल के जख्मों में कीड़े पड़ चुके थे। पोटाश स्प्रे के बाद भी कीड़े नहीं निकले तो उन्होंने हाथ से कीड़े हटाकर जख्मों की मरहम-पट्टी की। समय पर इलाज न मिलने पर बैल की जान खतरे में थी और इलाके में संक्रमण का जोखिम भी था।
अनिल नंदा ने कहा, “मुझे पशुओं से बहुत लगाव है। पशु क्रूरता की घटनाएं मुझे व्यथित करती हैं। मैं इस बैल को तब तक अपने घर में रखूंगा, जब तक यह पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता।” उपमंडलीय वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुषमा राणा और डॉ. इंद्रजीत सोनी ने बताया कि घायल पशु के जख्म को पोटाश के पानी से धोकर, सुखाने के बाद रिक्स बेटाडिन और एलोस्प्रे लगाना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि ऐसी घटनाओं में तुरंत चिकित्सीय परामर्श लिया जाए ताकि पशु की जान बचाई जा सके और संक्रमण का खतरा टाला जा सके।
डॉ. सुषमा राणा ने अनिल नंदा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि समाज में ऐसी संवेदनशीलता से पशु क्रूरता को रोका जा सकता है। फिलहाल बैल अनिल के घर में सुरक्षित है और उसका इलाज जारी है।
