बीड़-बिलिंग, 7 अगस्त:
विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग घाटी बीड़-बिलिंग की बीड़ पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा मिल गया है। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद क्षेत्र में उत्सव का माहौल है। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, समाजसेवियों और नागरिकों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे विकास की दिशा में एक मील का पत्थर बताया है।
नगर पंचायत बनने से अब स्थानीय नागरिकों को साड़ा (शहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण) की जटिल प्रक्रियाओं और वर्षों तक लटकते मामलों से राहत मिलेगी। पहले छोटे-छोटे निर्माण कार्यों के लिए भी पालमपुर स्थित साड़ा कार्यालय जाना पड़ता था, जिससे आम जनता को काफी परेशानी होती थी। अब प्रशासनिक निर्णय स्थानीय स्तर पर लिए जा सकेंगे और कार्यवाही भी तेज होगी।
बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन (बीपीए) के अध्यक्ष अनुराग शर्मा ने कहा कि यह निर्णय क्षेत्रीय पर्यटन को नया आयाम देगा। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत बनने से आधारभूत ढांचे जैसे सड़कें, जल आपूर्ति, सीवरेज और साफ-सफाई में व्यापक सुधार होगा। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
विकास की खुलेंगी नई राहें
बीड़ पंचायत के प्रधान सुरेश ठाकुर ने बताया कि नगर पंचायत बनने के बाद पहले तीन वर्षों तक कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा। इसके बाद भी केवल ₹280 प्रति वर्ष के हिसाब से मामूली टैक्स लगाया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को अब अढ़ाई लाख रुपये की राशि मिलेगी, जो पहले डेढ़ लाख थी। एक ही परिवार में यदि चार पात्र सदस्य हैं, तो सभी को मकान निर्माण के लिए सहायता मिल सकती है।
साडा संघर्ष समिति के संयोजक सतीश अबरोल ने कहा कि अब मुख्यमंत्री आजीविका योजना के अंतर्गत मिलने वाली ₹425 की दिहाड़ी और अन्य योजनाओं का लाभ नगर पंचायत के माध्यम से सीधे स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा। साथ ही सभी आवश्यक स्टाफ जैसे ईओ, जेई आदि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगे।
स्थानीय नेतृत्व और जनता का समर्थन
पूर्व जिला परिषद सदस्य धनीराम ठाकुर ने बताया कि अब हर वार्ड का पार्षद अपने क्षेत्र का प्रतिनिधि होगा और सीधे तौर पर विकास कार्यों में भाग ले सकेगा। वहीं, चौगान और बीड़ पंचायत के प्रतिनिधियों ने कहा कि बीड़ को नगर पंचायत बनाए जाने से युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री और विधायक का जताया आभार
स्थानीय लोगों, पंचायत प्रधानों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू और स्थानीय विधायक किशोरी लाल का आभार जताया है। तिब्बती समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।
कुछ लोगों ने जताया विरोध
हालांकि, कुछ लोगों ने नगर पंचायत बनाए जाने पर चिंता और विरोध भी जताया है, लेकिन व्यापक स्तर पर इस निर्णय को जनता का समर्थन मिला है। लोगों को उम्मीद है कि यह परिवर्तन बीड़-बिलिंग को एक आधुनिक और सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करेगा।
