शिमला: हिमाचल प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष के नवंबर महीने के खर्चों को पूरा करने के लिए 300 करोड़ रुपये का लोन लेने का फैसला किया है। इस लोन के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के माध्यम से खुली बोली 19 नवंबर को लगेगी, और बोली सफल होने पर अगले दिन यानी 20 नवंबर को राशि राज्य सरकार के खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।
यह लोन चालू वित्त वर्ष में दिसंबर तक की लोन लिमिट का आखिरी हिस्सा है। केंद्र सरकार की ओर से अप्रैल से दिसंबर तक की अवधि के लिए लोन लिमिट प्रदान की जाती है, जबकि जनवरी से मार्च तक की आखिरी तिमाही के लिए अलग से लिमिट जारी होती है। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि नवंबर के खर्चों को सुचारू रूप से चलाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
जीपीएफ ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं
इस बीच, राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के जनरल प्रोविडेंट फंड (जीपीएफ) पर मिलने वाले ब्याज दर को भी तय कर दिया है। वित्त विभाग के सचिव की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, इस वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक जीपीएफ पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत रहेगी। पिछले तिमाही की तरह इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह दर सभी सरकारी कर्मचारियों के जीपीएफ खातों पर लागू होगी।
राज्य सरकार के इन फैसलों से वित्तीय प्रबंधन को मजबूती मिलने की उम्मीद है, खासकर सर्दियों के मौसम में बढ़ते खर्चों को देखते हुए।
