नगरोटा बगवां (कांगड़ा), 23 नवंबर: शराब के नशे में व्यक्ति क्या-क्या नहीं कर बैठता, इसकी ताजा मिसाल हिमाचल के नगरोटा बगवां क्षेत्र में देखने को मिली। एक प्रवासी मजदूर ने नशे की हालत में पुलिस कंट्रोल रूम पर फोन करके दावा किया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या कर शव के टुकड़े सूटकेस में भरकर जंगल में फेंक दिए हैं और खुद पठानकोट भाग गया है। उसने पुलिस को खुली चुनौती भी दी कि “पकड़ सको तो पकड़ लो”।
आरोपी की पहचान झारखंड निवासी दीपक कुमार (उम्र करीब 35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मलां के पास किराए के क्वार्टर में रहता है और पेशे से मिस्त्री है। शुक्रवार देर रात उसने पुलिस हेल्पलाइन 100 पर फोन किया और यह सनसनीखेज झूठी कहानी सुनाई।
सूचना मिलते ही पूरा पुलिस महकमा हरकत में आ गया। डीएसपी कांगड़ा अंकित शर्मा स्वयं मौके पर पहुंचे और एसएचओ नगरोटा बगवां नवनीत सैनी के नेतृत्व में दो विशेष टीमें गठित की गईं। पूरी रात पुलिसकर्मी आरोपी द्वारा बताए गए स्थान व आसपास के घने जंगलों में सूटकेस की तलाश करते रहे, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा।
जब जंगल में कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। लोकेशन ट्रेस करने पर पता चला कि कॉल करने वाला व्यक्ति पठानकोट नहीं, बल्कि अपने किराए के मकान में ही मौजूद है। पुलिस ने तुरंत दबिश देकर दीपक कुमार को दबोच लिया।
नशा उतरने के बाद पूछताछ में दीपक ने कबूल किया कि उसने शराब के नशे में मजाक-मजाक में झूठ बोल दिया था। उसकी कोई पत्नी की हत्या नहीं हुई थी। पुलिस ने फौरन झारखंड में उसकी पत्नी से संपर्क किया तो वह अपने घर पर पूरी तरह सकुशल मिली।
पुलिस ने दीपक कुमार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 182 (झूठी सूचना देना), 505(1)(b) (सार्वजनिक शांति भंग करने के इरादे से अफवाह फैलाना) सहित अन्य संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की छानबीन जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की झूठी सूचनाओं से न सिर्फ पुलिस का समय और संसाधन बर्बाद होता है, बल्कि आम जनता में भी दहशत फैलती है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि नशे में या मजाक में भी आपातकालीन नंबरों का दुरुपयोग न करें।
