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September 30, 2026
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Baijnath News: करनार्थू में सेना ने खोजी नई पैराग्लाइडिंग साइट, पर्यटन को मिलेंगे पंख

बैजनाथ (वीर खड़का ): हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में बैजनाथ से महज 10 किलोमीटर दूर फटाहर पंचायत के करनार्थू गांव में पैराग्लाइडिंग की एक नई साइट सामने आई है। इस साइट को भारतीय सेना ने खोजा है और सेना के अधिकारी पिछले कुछ दिनों से यहां टेक-ऑफ साइट से सफलतापूर्वक पैराग्लाइडिंग कर रहे हैं।

यह नई साइट दियोल से करनार्थ-सराजड़ा जाने वाली सड़क के किनारे स्थित है, जो इसे बेहद सुविधाजनक बनाती है। टेक-ऑफ पॉइंट सड़क से सटा हुआ है और लैंडिंग के लिए पास में ही एक विशाल एवं समतल ग्राउंड उपलब्ध है। सेना के अधिकारियों के अनुसार, यह साइट पैराग्लाइडिंग उड़ानों और प्रशिक्षण के लिए आदर्श है। यदि पर्यटन विभाग और प्रशासन इसे विकसित करने के लिए कदम उठाते हैं, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र की एक प्रमुख पैराग्लाइडिंग डेस्टिनेशन बन सकती है।

साइट से उड़ान भरने के बाद नीचे तरस गांव का लंबा-चौड़ा समतल मैदान लैंडिंग के लिए सुरक्षित और सुगम विकल्प प्रदान करता है। विकास होने पर यह साइट धौलाधार घाटी के प्राकृतिक गर्म पानी के चश्मे तत्वानी की लोकप्रियता को और बढ़ावा देगी। पूरी घाटी रोमांचक एडवेंचर और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभरेगी।

भाजपा नेता त्रिलोक कपूर, जो करनार्थु गांव के निवासी हैं, ने भाजपा सरकार के कार्यकाल में क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रयासों से यहां एक अच्छा ग्राउंड तैयार हुआ और दियोल से करनार्थ-सराजड़ा तथा शिलाह नाला होते हुए उतराला तक सड़क का निर्माण हुआ। उन्होंने कहा कि अब स्थानीय नेताओं को इस उभरती साइट को विकसित करने के लिए आगे आना चाहिए, जिससे पर्यटन कारोबार को नई गति मिलेगी।

क्षेत्रीय विधायक किशोरी लाल ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि सेना द्वारा चयनित इस साइट को निखारने के लिए प्रयास किए जाएंगे। पर्यटन विभाग के अधिकारियों से चर्चा कर घाटी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। विधायक ने बताया कि बैजनाथ से दियोल-सराजड़ा के लिए बस सेवा सुचारू रूप से चल रही है, जिससे तत्वानी गर्म जल स्रोत तक पर्यटकों की पहुंच आसान हो गई है।

यह नई साइट निकटवर्ती विश्व प्रसिद्ध बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडिंग क्षेत्र के विकल्प के रूप में उभर सकती है और धौलाधार की गोद में एडवेंचर टूरिज्म को नई ऊंचाइयां दे सकती है।

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