मंडी। संत शिरोमणि संत कबीर महाराज की जयंती जिला भर में धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान विभिन्न संस्थाओं द्वारा अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। रविवार सुबह से ही जिला भर के कबीर गुरूद्वारों में पूजा अर्चना व झंडा रस्म निभाई गई। वहीं विभिन्न भजन मंडलियों व श्रद्घालुओं द्वारा कबीर महाराज की चौपाईयों व दोहों का गुणगान किया। मंडी जिला के सुंदरनगर, नाचन, सरकाघाट, धर्मपुर, लडभड़ोल, जोगिंद्रनगर, पधर, सराज व मंडी शहर के कबीर गुरूद्वारों में जयंती धूमधाम से मनाया गया। टारना गुरूद्वारा सभा के प्रधान गुरूवचन सिंह कश्यप ने बताया कि सुबह 11 बजे डेरा बस्सी से विशेष रूप से पधारे संत गुरूदयाल महाराज व अन्य साध संगत द्वारा पवित्र झंडा रस्म निभाई गई। उसके बाद नंगल से आए भाई सुनील डोगरा भजन मंडली के कलाकारों ने गुरू महिमा का गुणगान किया। उसके बाद संतों के प्रवचन, आरती के बाद विशाल भंडारे का अयोजन किया गया। जिसमें शहरवासियों ने बढ़चढ़ कर प्रशाद ग्रहण किया। उन्होंने बताया कि नंगल से आए भाई सुनील डोगरा ने गुरू महिमा का गुणगान करते हुए संंत कबीर महाराज द्वारा लिखी चौपाईयों व दोहों के स्वयं स्वरबध कर सुंदर ढंग से गुणगान किया। उन्होंने कार्यक्रम का आगाज रहना नहीं देश बेगाना है से किया। जिसका श्रद्घालुओं ने शांतचित होकर एकाग्रता से मनन किया। वहीं मोको कहां ढुंढे रे बंदे मैं तो तेरे पास रे, चदरिया झीनी रे झीनी, मन फुला फुला फिरे जगत में कैसा नाता रे, पानी में मीन प्यासी मोहे सुन सुन आवे हासी, मन लागो मोरो यार फकीरी में और उड़ जाएगा हंस अकेला दो दिन का दर्शन मेला आदि दोहों व चौपाईयों से श्रद्घालुओं को निहाल किया। इस अवसर पर कबीर सभा के मुख्य सलाहकार रूप सिंह कौंडल, गोविंद राम, महासचिव, खेम चंद, कोषाध्यक्ष बीरी सिंह सहित रविदास सभा के प्रधान इंद्रपाल, सहित आस पास की सभाओं के पदाधिकारी व श्रद्घालुओं ने भाग लिया।
