प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सातवें चरण के लिए बिहार में शनिवार को धुंआधार रैली कर विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने धर्म के आधार पर आरक्षण को लेकर विपक्ष को अपने वोटबैंक के लिए ‘मुजरा’ करने की नसीहत भी दे दी. ये बात कांग्रेस को इतनी चुभी कि पटना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मोदी को लेकर बड़ी बात कह दी.
कांग्रेस की पीएम मोदी को नसीहत :
पवन खेड़ा ने मुजरा शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पद की गरिमा वाले व्यक्ति को इस तरह के शब्द का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता. उन्होंने नसीहत देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री थक चुके हैं और उन्हें इलाज की जरूरत है.
‘भजन कीर्तन की उम्र में मुजरा याद आ रहा है’ :
वहीं बिहार कांग्रेस ने पवन खेड़ा से चंद कदम आगे बढ़कर भजन कीर्तन करने की सलाह दी. बिहार कांग्रेस ने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर पोस्ट किया और लिखा की ‘भजन कीर्तन करने की उम्र में उन्हें मुजरा याद आ रहा है’
‘कान पकड़कर माफी मांगे पीएम’ :
वहीं कांग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने ‘मुजरा’ शब्द को महिला विरोधी मानसिकता से जोड़ दिया और देश की महिलाओं से माफी मांगने को कहा. सुप्रिया ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री मुजरा शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं. पीएम मोदी सारी मर्यादाओं की सीमा लांघ चुके हैं. उन्हें देश की महिलाओं से कान पकड़कर माफी मांगनी चाहिए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्या कहा था? :
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाटलिपुत्र की चुनावी सभा में कांग्रेस और आरजेडी पर धर्म के आधार आरक्षण देने के मुद्दे पर घेर रहे थे. तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ”इंडिया गठबंधन वाले अपने वोटबैंक की गुलामी करें या फिर मुजरा करें. जब तक मोदी जिंदा है ओबीसी, एससी-एसटी और आदिवासी के हक को छीनकर मसलमानों को नहीं देने देंगे.”
