मंडी: प्रदेश सरकार जरूरतमंद लोगों के उत्थान तथा उन्हें सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है. किन्हीं कारणवश उपचार करवाने में असमर्थ जरूरतमंदों के लिए मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष वरदान साबित हो रहा है. मंडी जिला की बल्ह तहसील के जौर्य को श्रवण यंत्र लगाने में मदद कर प्रदेश सरकार ने एक बार पुनः संवेदनशीलता का परिचय दिया है.
बल्ह की डहणू पंचायत की रहने वाली शकुंतला देवी पत्नी दिवान चंद ने बताया कि साल 2018 में उनके घर बेटा जौर्य पैदा हुआ. एक साल की उम्र में पता चला कि जौर्य को सुनने में कठिनाई है. ऐसे में उसे इलाज के लिए नागरिक अस्पताल सुंदरनगर ले जाना पड़ा. वहां से उसे इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला के लिए भेज दिया गया.
डॉक्टरों के परामर्श पर उसे सुनने की मशीन लगाई गई और 6 माह तक उसे निगरानी में रखा गया. इससे भी उसकी श्रवण शक्ति में कोई अंतर ना आने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने बताया कि एक ऑपरेशन के जरिए जौर्य के सिर के पिछले हिस्से में सुनने की मशीन डाली गई. इसके इलाज में लाखों रुपए खर्च होने थे.
