July 21, 2026
Kangra

HPTDC कर्मचारी संघ ने अपने ही अध्यक्ष RS बाली के खिलाफ खोला मोर्चा, खड़े किए कई गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम की आर्थिक बदहाली किसी से छिपी नहीं है. हाल ही में हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने जब 18 होटल को बंद करने के आदेश दिए, तो इस पर मोहर भी लग गई. हालांकि हाई कोर्ट ने बाद में राहत देते हुए नौ होटलों को 31 मार्च, 2025 तक चलने के आदेश भी दे दिए हैं.

हिमाचल प्रदेश में पर्यटन विकास निगम के तहत आने वाले होटल पर कोर्ट के फैसले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने भी सरकार को जमकर घेरा. अब हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम संघ ने अपने ही अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. संघ के प्रभारी डाबे सिंह ठाकुर ने पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह बाली की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए हैं. संघ ने मांग उठाई है कि रघुबीर सिंह बाली के हाथों से पर्यटन निगम की कमान वापस लेकर मुख्यमंत्री खुद ही इसका संचालन करें.

संघ ने बाली के खिलाफ खोला मोर्चा

रघुबीर सिंह बाली नगरोटा बगवां से कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उन्हें पर्यटन विकास निगम का उपाध्यक्ष और पर्यटन विभाग का अध्यक्ष कैबिनेट रैंक के साथ नियुक्त किया है. रघुबीर सिंह बाली पूर्व परिवहन मंत्री गुरमुख सिंह बाली के बेटे हैं. बाली परिवार का मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ भी करीबी रिश्ता है.

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के संघ के कर्मचारी संघ के प्रभारी डाबे सिंह ठाकुर ने कहा कि रघुबीर सिंह बाली पहले दिन जब अध्यक्ष बनकर बैठक करने के लिए आए थे, तब से ही वे होटल समूह को प्राइवेट हाथों में बेचना चाहते थे.

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने कई बार उनसे मिलने की भी कोशिश की, लेकिन उन्हें वक्त नहीं मिला. मुलाकात के लिए वे राज्य सचिवालय और उनके सरकारी आवास पर जाते रहे, लेकिन इसके लिए उन्हें कोई वक्त नहीं दिया गया. संघ ने यह भी आरोप लगाए कि बाली के ही गृह विधानसभा क्षेत्र नगरोटा बगवां से 70 कर्मचारियों की भर्ती की गई, जिन्हें सही तरीके से चाय और पानी का गिलास पकड़ना भी नहीं आता है. इस पर बाद में रोक भी लगाई गई.

हिमाचल प्रदेश हाइकोर्ट में दायर करेंगे याचिका

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ का कहना है कि संघ उच्च न्यायालय में सभी 18 होटल को खुला रखने को लेकर याचिका दायर करेगा. उन्होंने कहा कि बंद किए गए होटल में से कई की होटलों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है. ऐसे में इन होटलों को खुला रखना चाहिए. पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ का कहना है कि न्यायालय ने केवल ऑक्युपेंसी को आधार बनाकर अपना फैसला सुनाया है. प्रदेश सरकार के अधिकारियों ने सही ढंग से निगम का पक्ष अदालत के सामने नहीं रखा.

पर्यटन विकास निगम कर्मचारी संघ का कहना है कि बीते चार से पांच दिनों से प्रदेश में पर्यटन निगम के होटल को लेकर बवाल मचा हुआ है, लेकिन निगम के अध्यक्ष अभी तक सामने नहीं आए. कर्मचारी संघ का कहना है कि पर्यटन निगम के होटल जाने की स्थिति में है, लेकिन उनकी ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई.

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