धर्मशाला, 21 अप्रैल 2025: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस सरकार को देश की “सबसे भ्रष्ट और अकुशल” करार देते हुए कहा कि यह सरकार कुप्रबंधन की जिम्मेदार खुद है, फिर भी केंद्र पर पैसे न देने का झूठा आरोप लगा रही है। गगल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नड्डा ने तंज कसते हुए कहा, “अगर कांग्रेस से सरकार नहीं चल रही, तो उसे छोड़ देना चाहिए।”
केंद्र से मिले पैसे का हिसाब मांगा
नड्डा ने सवाल उठाया कि सुक्खू सरकार बताए, केंद्र से कौन सा ऐसा पैसा नहीं मिला, जो मिलना चाहिए था। उन्होंने दावा किया कि केंद्र ने हिमाचल के विकास के लिए भरपूर सहायता दी है। उन्होंने कहा, “केंद्र ने आपदा राहत के लिए 1,782 करोड़ रुपये दिए, लेकिन राज्य सरकार ने इसका वितरण तक सही से नहीं किया।” इसके अलावा, 11,806 करोड़ रुपये का बजट, टैक्स में 8,915 करोड़, ग्रांट-इन-एड में 13,285 करोड़, औद्योगिक विकास के लिए 1,050 करोड़ और रेलवे विस्तार के लिए 2,700 करोड़ रुपये दिए गए। फिर भी, नड्डा के मुताबिक, राज्य सरकार इन फंड्स का सही उपयोग नहीं कर पाई।
नेशनल हेराल्ड पर साधा निशाना
नड्डा ने नेशनल हेराल्ड अखबार को लेकर भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना छपे इस अखबार को हिमाचल सरकार ने करोड़ों रुपये के विज्ञापन दे दिए और बेशर्मी से कहा कि यह उनका “अपना पेपर” है। नड्डा ने इसे वित्तीय कुप्रबंधन का बड़ा उदाहरण बताया और कहा कि राज्य की ट्रेजरी पहली बार बंद होने की स्थिति में है।
मेडिकल और बल्क ड्रग पार्क पर लापरवाही का आरोप
नड्डा ने मेडिकल डिवाइस पार्क और बल्क ड्रग पार्क के लिए केंद्र द्वारा दी गई राशि के दुरुपयोग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मेडिकल डिवाइस पार्क के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए गए, जिसमें से 25 करोड़ रुपये जारी होने के बावजूद राज्य सरकार ने इसे वापस कर दिया। इसी तरह, बल्क ड्रग पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपये मंजूर हुए, जिसमें से 225 करोड़ रुपये जारी किए गए, लेकिन खर्च नहीं हुए। इसके अलावा, हेल्थकेयर के लिए 12 क्रिटिकल केयर सेंटर दिए गए, लेकिन एक भी शुरू नहीं हुआ। नड्डा ने कहा, “प्रदेश सरकार सोई हुई है। इस तरह सरकारें नहीं चलतीं।”
हिमाचल के विकास में कांग्रेस का कोई योगदान नहीं
नड्डा ने दावा किया कि जब भी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार केंद्र में आई, हिमाचल के विकास को गति मिली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने विशेष पैकेज दिया, जिसे कांग्रेस सरकार ने खत्म कर दिया। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में फिर से हिमाचल में बड़े प्रोजेक्ट्स जैसे AIIMS, IIM, IIIT और हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज शुरू हुए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों का प्रदेश के विकास में कोई योगदान नहीं रहा।
रेलवे और आकांक्षी जिला चंबा पर फोकस
नड्डा ने बताया कि हिमाचल में रेलवे विस्तार पर गंभीरता से काम हो रहा है। बिलासपुर में रेलवे के लिए जमीन अधिग्रहण का काम हुआ, लेकिन राज्य सरकार ने इसके लिए भुगतान नहीं किया। इसके अलावा, आकांक्षी जिला चंबा में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2018 में शुरू की गई इस योजना से चंबा ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है, हालांकि कुछ कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
हिमाचल की राजनीति में वापसी से इनकार
जब नड्डा से पूछा गया कि क्या वह हिमाचल की राजनीति में वापस आएंगे, तो उन्होंने कहा, “मैं जहां हूं, वहां अच्छा हूं। अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभा रहा हूं।” भाजपा सांसदों निशिकांत दुबे और दिनेश शर्मा की सुप्रीम कोर्ट पर की गई टिप्पणियों पर नड्डा ने कहा कि पार्टी ने इस मामले में अपनी स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा न्यायपालिका का सम्मान करती है और ऐसे बयानों से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
भाजपा नेताओं का साथ
इस मौके पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, कांगड़ा और चंबा के वरिष्ठ भाजपा नेता मौजूद रहे। नड्डा ने कहा कि हिमाचल की जनता कांग्रेस सरकार के कुप्रबंधन से त्रस्त है और जल्द ही इसका हिसाब मांगेगी।
