बैजनाथ, 3 नवंबर 2025
बैजनाथ शिव मंदिर कार्यालय में आज मंदिर न्यास की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता मंदिर के सहायक आयुक्त एवं उपमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) बैजनाथ संकल्प गौतम ने की। बैठक में मंदिर प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सामाजिक उत्तरदायित्वों से जुड़े कई मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। विशेष रूप से मंदिर की आय-व्यय प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया।
सामाजिक कल्याण पर फोकस
बैठक में मंदिर न्यास के सामाजिक योगदान की समीक्षा की गई। न्यास द्वारा वर्तमान में 40 टीबी रोगियों को पोषण किट उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि उपचार के दौरान उन्हें पौष्टिक सहायता मिल सके। इस पहल की प्रशंसा करते हुए इसे नियमित रूप से जारी रखने का फैसला लिया गया।
डिजिटल और पर्यावरणीय पहल
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन दर्शन व्यवस्था शुरू करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। इससे मंदिर तक पहुंचने में असमर्थ भक्त डिजिटल माध्यम से भगवान शिव के दर्शन कर सकेंगे। साथ ही, मंदिर में चढ़ाए जाने वाले फूलों को पर्यावरण-अनुकूल धूप-अगरबत्ती बनाने में इस्तेमाल करने का निर्णय लिया गया। इससे मंदिर परिसर की स्वच्छता बनी रहेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
गौशाला और कर्मचारी मुद्दे
गौशाला के कार्यों की समीक्षा में अधूरे रास्तों को जल्द पूरा करने और बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। मंदिर तथा गौशाला में कर्मचारियों की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
अखरोटों की बारिश कार्यक्रम की तैयारी
एसडीएम संकल्प गौतम ने 4 नवंबर 2025 को होने वाले ‘अखरोटों की बारिश’ कार्यक्रम के लिए सभी विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए। पुलिस को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने और आयोजन को परंपरागत गरिमा के साथ संपन्न कराने के आदेश दिए गए।
निरीक्षण और सुधार निर्देश
मंदिर पार्क तथा खीरगंगा घाट के निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने साफ-सफाई को मजबूत करने, घाट व मार्गों की स्वच्छता, बिजली और पानी की निकासी में सुधार के निर्देश दिए। जलशक्ति विभाग को सीढ़ियों में पानी के रिसाव को तुरंत रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “तीर्थ स्थलों की स्वच्छता श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है, इसे बनाए रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।”
विकास योजनाएं
मंदिर के विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई। खीरगंगा घाट के सौंदर्यीकरण, मंदिर मार्गों के रखरखाव और जनसुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया। घाट के विस्तारीकरण के लिए सहायक अभियंता से शीघ्र चर्चा और संयुक्त निरीक्षण कराने की योजना बनी।
एसडीएम संकल्प गौतम ने कहा कि न्यास के सभी निर्णयों का मकसद श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना, धार्मिक स्थलों का संरक्षण और कमजोर वर्गों की सेवा करना है। उन्होंने अधिकारियों व सदस्यों को निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने के निर्देश दिए।
