बैजनाथ 1 अक्टूबर (वीर खड़का)
राजीव गांधी राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय में 6 दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस चरकायतन -2023 संपन्न हुई। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रोफेसर विजय चौधरी ने इस मौके पर खुशी जताते हुए बताया कि राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ हर साल कुछ विशिष्ट आयुर्वेदिक महाविद्यालयों में चरकायतन कॉन्फ्रेंस का आयोजन करता है इस साल यह उपलब्धि आयुर्वेदिक महाविद्यालय पपरोला को मिली है। कार्यक्रम संपन्नता समारोह के अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रोफेसर डॉ विजय चौधरी,प्रोफेसर बी. एल. मेहरा ,( सचिव नेशनल कौंसिल ऑफ़ इंडियन सिस्टम ऑफ़ मेडिसिन ,नई दिल्ली) और वैद्य करतार सिंह धीमान( कुलपति श्री कृष्ण आयुष यूनिवर्सिटी कुरुक्षेत्र हरियाणा )मौजूद रहे।चरकायतन कॉन्फ्रेंस में देश के विभिन्न राज्यों से 51 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।जिसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तरांचल, दिल्ली ,पंजाब, कर्नाटक से 38 तथा आयुर्वैदिक महाविद्यालय पपरोला से 15 डेलिगेट्स को चुना गया । प्रतिनिधियों के ठहरने की पंचायती राज ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट बैजनाथ में उचित व्यवस्था की गई थी। इस सम्मेलन में 4 विशिष्ट प्रवक्ताओं ने भाग लिया जिसमें अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, नई दिल्ली में विशिष्ट सेवाएं दे रहे प्रोफेसर एस.एच.आचार्य, पपरोला आयुर्वेदिक महाविद्यालय में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत प्रोफेसर सतीश गंधर्व,चौधरी ब्रह्म प्रकाश चरक आयुर्वेद संस्थान दिल्ली से डॉ. संतोष नायर एवं राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की पूर्व उपकल्पति प्रोफेसर मीता कोटेचा शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने बताया की प्रवक्ताओं के ठहरने की व्यवस्था तारागढ़ पैलेस में की गई थी तथा सभी प्रवक्ता धौलाधार और प्रकृति की गोद में स्थित इस महाविद्यालय में आकर हर्ष महसूस कर रहे थे।
